राष्ट्रीय
ममता बनर्जी से लेकर अखिलेश यादव तक नितिन नवीन के बयान से मचा सियासी भूचाल


भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के बाद अपना पहला टीवी इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में उन्होंने पार्टी नेतृत्व से लेकर विपक्षी दलों तक कई सवालों के बेबाक जवाब दिए। उन्होंने साफ कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन को और मजबूत करना और जनता के मुद्दों पर काम करना है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा और कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उनका यह इंटरव्यू आने वाले समय में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
इंटरव्यू के दौरान नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठिए अवैध रूप से आकर बस गए हैं और अब उन्हें देश से बाहर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती राज्यों में घुसपैठ एक बड़ा मुद्दा है जिस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है और विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। यह मुद्दा आने वाले चुनावों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

नितिन नवीन ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल में जनता को क्या दिया यह सब जानते हैं और उनकी राजनीति केवल जुलूस और नारों तक सीमित रही है। उन्होंने राहुल गांधी के साथ पुराने आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। नितिन नवीन ने यह भी कहा कि विपक्ष की राजनीति केवल दिखावे तक सीमित है और इससे जनता का कोई वास्तविक लाभ नहीं होता।
इंटरव्यू के दौरान नितिन नवीन ने वोट बैंक और सामाजिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी समुदाय से नहीं बल्कि ढोंग करने वाली राजनीति से विरोध रखती है। जब उनसे टोपी पहनने और वोट बैंक की राजनीति पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी समस्या किसी धर्म से नहीं बल्कि राजनीति में दिखावे से है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने बीजेपी को समर्थन दिया है। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।